संज्ञा किसे कहते है | संज्ञा की परिभाषा : sangya kise kahate hain - Hindi OS -->
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हेलो दोस्तों अगर आप संज्ञा के बारे में जानना चाहते हैं कि संज्ञा किसे कहते हैं, संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद तो आप इस लेख में इन सभी के बारे में बताया गया है जिसे आप नीचे पड़ सकते हैं।

 संज्ञा (Sangya) किसे कहते हैं | संज्ञा की परिभाषा

किसी व्यक्ति, वस्तु, गुण, प्राणी व जाति, स्थान (जगह), क्रिया और भाव आदि के नाम को संज्ञा कहा जाता है।

जैसे :- 

  • मानव, पशु, पक्षी, (जाति व प्राणी),
  • कोलकाता, दिल्ली, मंदिर, मस्जिद (स्थान व जगह), 
  • पापा, मम्मी, दादा, दादी, मोहन, नीता (व्यक्ति),
  • फोन, कम्प्यूटर, पेन, किताब, साइकिल (वस्तु), 
  • क्रोध करना, हँसना, रोना, गाना (भाव), 
  • आकर्षक, सुन्दर, खराब, साफ सुथरा (गुण), 
  • सीखना, भागना, खाना, पढ़ना, मारना-पीटना (क्रिया) 

संज्ञा की परिभाषा : sangya kise kahate hain


संज्ञा के कितने भेद होते हैं। | Sangya ke bhed

संज्ञा के भेद :-

संज्ञा के पाँच भेद होते है।

1. जातिवाचक संज्ञा

2. भाववाचक संज्ञा

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा

4.समूहवाचक संज्ञा

5. द्रव्यवाचक संज्ञा


1. जातिवाचक संज्ञा क्या होती है | जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा

जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियों और वस्तुओं का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं, अर्थात 

वह शब्द जो किसी जाति की पूरी समझ देता है, वह पूरी श्रेणी और पूरे वर्ग का ज्ञान होता है, वह शब्द  को जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है।

जैसे :-  टीवी, पहाड़, तालाब, मोटर साइकिल, कार, लडकी, घोडा, शेर, गॉंव, लड़का।


2. भाववाचक संज्ञा क्या होती है | भाववाचक संज्ञा की परिभाषा

जिस संज्ञा से किसी के गुणों, दोषों, दशा, स्वभाव, भाव आदि के बारे में पता चलता है, वहाँ भाववाचक संज्ञा होता है।  अर्थात् किसी वस्तु, पदार्थ या प्राणी की दशा, दोष, भावना आदि को इंगित करने वाला शब्द  भाववाचक संज्ञा कहलाता है।

जैसे :- गर्मी, सर्दी, हरियाली, सुख,मिठास, खटास।


3. व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या होती है | व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा

वह शब्द जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान आदि को दर्शाता है, व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाता है।  अर्थात्, जिस संज्ञा से किसी विशेष स्थान, वस्तु या व्यक्ति का नाम जाना जाता है, वह व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- भारत, दिल्ली, बिहार, गोवा, महेंद्र सिंह धोनी , रामायण ,गीता, महात्मा गाँधी , कल्पना चावला , रामचरितमानस आदि।


4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है | समूह वाचक संज्ञा की परिभाषा

इसे समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है। जिन संज्ञा शब्दों से किसी समूह या समुदाय का बोध होता है, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी विशेष या समान वस्तुओं के समूह या एक ही वर्ग या जाति के समूह को संदर्भित करता है। वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , गेंहू का ढेर, लकड़ी का गट्ठर  सेना, खेल आदि।


5. द्रव्यवाचक संज्ञा क्या होती है | द्रव्यवाचक संज्ञा की परिभाषा

जो संज्ञा शब्द जो किसी पदार्थ या धातु को इंगित करते हैं उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त ऐसे शब्द जो किसी पदार्थ, धातु और पदार्थ को संदर्भित करते हैं वहाँ पर द्रव्यवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- सोना, चाँदी, दही , गेंहू , तेल, पानी, स्टील , घी, लकड़ी आदि।


संज्ञा किसे कहते है | संज्ञा की परिभाषा : sangya kise kahate hain

हेलो दोस्तों अगर आप संज्ञा के बारे में जानना चाहते हैं कि संज्ञा किसे कहते हैं, संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद तो आप इस लेख में इन सभी के बारे में बताया गया है जिसे आप नीचे पड़ सकते हैं।

 संज्ञा (Sangya) किसे कहते हैं | संज्ञा की परिभाषा

किसी व्यक्ति, वस्तु, गुण, प्राणी व जाति, स्थान (जगह), क्रिया और भाव आदि के नाम को संज्ञा कहा जाता है।

जैसे :- 

  • मानव, पशु, पक्षी, (जाति व प्राणी),
  • कोलकाता, दिल्ली, मंदिर, मस्जिद (स्थान व जगह), 
  • पापा, मम्मी, दादा, दादी, मोहन, नीता (व्यक्ति),
  • फोन, कम्प्यूटर, पेन, किताब, साइकिल (वस्तु), 
  • क्रोध करना, हँसना, रोना, गाना (भाव), 
  • आकर्षक, सुन्दर, खराब, साफ सुथरा (गुण), 
  • सीखना, भागना, खाना, पढ़ना, मारना-पीटना (क्रिया) 

संज्ञा की परिभाषा : sangya kise kahate hain


संज्ञा के कितने भेद होते हैं। | Sangya ke bhed

संज्ञा के भेद :-

संज्ञा के पाँच भेद होते है।

1. जातिवाचक संज्ञा

2. भाववाचक संज्ञा

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा

4.समूहवाचक संज्ञा

5. द्रव्यवाचक संज्ञा


1. जातिवाचक संज्ञा क्या होती है | जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा

जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियों और वस्तुओं का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं, अर्थात 

वह शब्द जो किसी जाति की पूरी समझ देता है, वह पूरी श्रेणी और पूरे वर्ग का ज्ञान होता है, वह शब्द  को जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है।

जैसे :-  टीवी, पहाड़, तालाब, मोटर साइकिल, कार, लडकी, घोडा, शेर, गॉंव, लड़का।


2. भाववाचक संज्ञा क्या होती है | भाववाचक संज्ञा की परिभाषा

जिस संज्ञा से किसी के गुणों, दोषों, दशा, स्वभाव, भाव आदि के बारे में पता चलता है, वहाँ भाववाचक संज्ञा होता है।  अर्थात् किसी वस्तु, पदार्थ या प्राणी की दशा, दोष, भावना आदि को इंगित करने वाला शब्द  भाववाचक संज्ञा कहलाता है।

जैसे :- गर्मी, सर्दी, हरियाली, सुख,मिठास, खटास।


3. व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या होती है | व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा

वह शब्द जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान आदि को दर्शाता है, व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाता है।  अर्थात्, जिस संज्ञा से किसी विशेष स्थान, वस्तु या व्यक्ति का नाम जाना जाता है, वह व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- भारत, दिल्ली, बिहार, गोवा, महेंद्र सिंह धोनी , रामायण ,गीता, महात्मा गाँधी , कल्पना चावला , रामचरितमानस आदि।


4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है | समूह वाचक संज्ञा की परिभाषा

इसे समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है। जिन संज्ञा शब्दों से किसी समूह या समुदाय का बोध होता है, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी विशेष या समान वस्तुओं के समूह या एक ही वर्ग या जाति के समूह को संदर्भित करता है। वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , गेंहू का ढेर, लकड़ी का गट्ठर  सेना, खेल आदि।


5. द्रव्यवाचक संज्ञा क्या होती है | द्रव्यवाचक संज्ञा की परिभाषा

जो संज्ञा शब्द जो किसी पदार्थ या धातु को इंगित करते हैं उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त ऐसे शब्द जो किसी पदार्थ, धातु और पदार्थ को संदर्भित करते हैं वहाँ पर द्रव्यवाचक संज्ञा होती है।

जैसे :- सोना, चाँदी, दही , गेंहू , तेल, पानी, स्टील , घी, लकड़ी आदि।


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